दुधवा लाइव

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दुधवा लाइव
५०px
प्रकारऑनलाइन वेब पत्रिका
देशभारत
संस्थापककृष्ण कुमार मिश्र
नारा"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"महात्मा गांधी
मसला"प्रकृति संरक्षण व संवर्धन के लिए कटिबद्ध"
आरम्भ की तिथिजनवरी २०१०
जालपृष्ठदुधवा लाइव

इतिहास[सम्पादन]

दुधवा लाइव (अंग्रेज़ी: dudhwa live) जैव विविधता तथा पर्यावरण संरक्षण को समर्पित पहली हिन्दी वेब पत्रिका है। इसका का आरंभ जनवरी २०१० में किया गया था। इस पत्रिका का मुख्य उद्देश्य, जैव विविधता का अध्ययन, सरंक्षण व संवर्धन है। जैव विविधता और संरक्षण से जुड़े समाचारों को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आरंभ की गई इस ई-पत्रिका में जैव विविधता और संरक्षण से जुड़े हुए समसामयिक लेखों और अध्ययन की प्रमुखता होती है। दुधवा लाइव पत्रिका का सृजन उन कारणों की परिणित है, जिन्हे सरकारें व समाज़ के जिम्मेदार लोग नज़र्-ए-अन्दाज करते है। लखीमपुर खीरी जनपद के कृष्ण कुमार मिश्र द्वारा आरंभ किए गए इस वेब पहल को विभिन्न समाचार पत्रों और पत्रकारिता से जुड़े दूसरे संचार माध्यमों द्वारा पर्यावरणीय वास्तविकता की अभिव्यक्ति के एक सशक्त रूप में और जन जागरूकता के अस्त्र के तौर पर मान्यता भी मिली है। लखीम पुर खीरी के समीप ही दुधवा राष्ट्रीय उद्यान स्थित है जिसे अपने वन्य जीवन और विविधता के लिए जानते हैं।

दुधवा लाइव की सामग्री[सम्पादन]

दुधवा लाइव में पर्यावरण और वन्य जीवन से जुड़े लगभग हर पहलू का स्पर्श है। मीडिया के बदलते परिप्रेक्ष्य में उन हर समाचारों को ध्यान में रखा जाता है जिन्हें सामान्यतौर पर व्यवसायिकता की दृष्टि से कम मूल्य का आंकते हैं। धरती की छिन्न-भिन्न होती दशा-व्यथा, वनों और उनके इतिहास, जैव-विविधता, प्राकृतिक संपदा और उससे जुड़ा पारंपरिक ज्ञान, जीवों पर हो रहे अत्याचार आदि महत्वपूर्ण मुद्दों की तस्वीर दुधवा लाइव के जरिए लोगों तक पहुंचती है। इस ई-पत्रिका की सामग्री को मुख्यतः चार मुख्य भागों में बांट सकते हैं।

समसामयिक लेख[सम्पादन]

पहले पृष्ठ पर उपलब्ध जानकारियों में समसामयिक लेखों पर ध्यान दिया जाता है। दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और दूसरे भागों में वन्य जीवन से संबंधित समसामयिक घटनाएं जो कि किसी भी पर्यावरण कार्यकर्ता के लिए विशेषतौर पर और सामान्य जन के लिए सामान्यतौर पर उपयोगी हो सकती है। उन घटनाओं की चित्रात्मक प्रस्तुति के लिए समसामयिक लेखों को स्थान देते हैं।

वन्य जीवन[सम्पादन]

दुधवा लाइव के वन्य जीव प्रभाग में वन्य जीवन से संबंधित समाचारों और दूसरे लेखों को प्रमुखता दी जाती है। वन्य जीव अधिकारों और वन्य जीवों पर हो रहे अत्याचारों से संबंधित सूचनाओं को यहां स्थान देते हैं।

पर्यावरण[सम्पादन]

दुधवा लाइव का पर्यावरण प्रभाग मुख्यतः तेजी से बदलते पर्यावरण और उसके जैव विविधता और संरक्षण पर पड़ने वाले प्रभावों पर केन्द्रित होता है।

देश दुनियां[सम्पादन]

इस प्रभाग में मुख्यतः वैश्विक घटनाओं को स्थान दिया जाता है। वैश्विक स्तर पर चल रहे विचार विमर्श और नीतिगत परिवर्तनों के बड़े दूरगामी परिणाम होते हैं। सामान्यतौर पर ग्रामीण और दूरस्थ पाठकों तक इसकी जानकारी नहीं पहुंच पाती है। दुधवा लाइव के इस प्रभाग में पाठकों को वैश्विक घटनाओं से परिचित कराया जाता है।

दुधवा लाइव की उपलब्धियां[सम्पादन]

  • पक्षी सरंक्षण में एक सफ़ल जन-आभियान।
  • आकाशवाणी रेडियों के माध्यम से दुधवा लाइव की बात हमारे देश के आखिरी छोर पर मौजूद व्यक्तियों तक पर्यावरण सरंक्षण के महत्व की बाते पहुंचाना।
  • विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों, पत्रिकाओं और देशी-विदेशी वेबसाइटों द्वारा दुधवा लाइव के महत्व-पूर्ण लेख और तस्वीरों को अपने वेब पेज पर जगह दिया जाना।
  • पहली बार किसी हिन्दी बेवसाइट पर गीत-संगीत के रेडियो का सीधा प्रसारण।
  • दुधवा लाइव वीडियो चैनल की शुरूआत।

पुरस्कार[सम्पादन]

रेडियो प्रसारण[सम्पादन]

पर्यावरण संरक्षण में योगदान[सम्पादन]

दुधवा लाइव की और से पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता हेतु विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए हैं। विशेष तौर पर गौरैया को बचाने की मुहीम में दुधवा लाइव का अतुल्य योगदान है। विभिन्न संचार माध्यमों, रेडियो, इंटरनेट, पत्र और पत्रिकाओं के माध्यम से गौरैया के कम होती संख्या के प्रति जागरूकता का आंदोलन चलाया गया है। दुधवा लाइव के द्वारा प्रत्येक वर्ष के 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाने की शुरुआत भी की गई है।

सन्दर्भ[सम्पादन]

बाहरी कड़ियाँ[सम्पादन]


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